
शरद का समर्पण
मंहगाई सुरसा की तरह मुँह बाहे खड़ी है मगर नेता है कि इसका ठीकरा एक दूसरे पर फौड़ने पर लगे हुए हैंैं। अब केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को ही लें अपने हालिया बयान में उन्होने कहा कि बढ़ती हुई महंगाई के लिए अकेला मैं ही जिम्मेदार नहीं हँू। इसके लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी जिम्मेदार हैं।देश में खाद्य पदार्थों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं उस पर से पवार दूध के दाम 40 से 50 रू प्रति किलो होने की बात करके दूध के दामों में अनिर्धारित वृद्धि करवा चुके हैं।
नेता मात्र बयान बाजी करके खाद्य पदार्थों के दामों को बढ़वा रहे हैं लेकिन इन सब के बीच नुकसान सिर्फ आम आदमी का ही हो रहा है।अर्जुन सेन गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार देश में 77 प्रतिशत आबादी प्रतिदिन 20 रू कमाती है ऐसे में दूध और चीनी जैसी रोजमर्रा की अनिवार्य वस्तु का 40 से 50 रू प्रति किलो में उपलब्ध हो पाना आम आदमी के लिए गले की फाँस जैसा है।
यूपीए सरकार जब सत्ता में आई तो ‘कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ‘ इस नारे के साथ आई।लेकिन वर्तमान मंें आम जन की स्थिति को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है की कहाँ है कांग्रेस सरकार आम आदमी के साथ।
प्रस्तुति किरन कौर
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