Monday, March 22, 2010

पुरुस्कार के बदले पिटाई



मशरूम की खेती करने के लिए राष्ट्रीय पुरुस्कार पाने वाली एक महिला जब ओड़िसा से दिल्ली आई तो वापस लोटने पर उसके पति ने उस पर दुश चरित्र होने का आरोप लगा कर मार पीट कर उसे घर से बाहर निकल दिया ।
ये है हमारे समाज की विडम्बना जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर मिलता है सम्मान वहां घर में होता है सिर्फ अपमान।
तभी आज भी लोग ये कहने पर मजबूर है .........

'हाय अबला जीवन तेरी यही कहानी, आंचल में है दूध तेरे और आँखों में है पानी।

Saturday, March 20, 2010

ज़िन्दगी लुटा दूँ


ज़िन्दगी लुटा दूँ इक बार मुस्कुरा दे

कुछ नही मेरा सब कुछ तेरी इक हंसी के आगे

आँखों की ये नमी तेरे बिन ये सभी

आजा दे दे मुझे मेरी जान।

Friday, March 19, 2010

जब नींद आ रही हो



कितना गुस्सा आता है जब नींद आ रही हो

और हालात आपको सोने न दे। जहाँ तहांकी

टेंशन दिमाग में हो और आँखों में नींद.

राजस्थान में आज भी सीट विधायकों के लिए आरक्षित होती है।



हाल ही में राजस्थान जाने का मोका मिला काफी चीजें देखी।

लेकिन एक चीज ने मुझे बड़ा आकर्षित किया ,कि राजस्थान

की बसों में आज भी पहली और दूसरी सीट विधायकों के लिए

आरक्षित होती है। भले ही विधायक कभी उस बस में बेठे नही

लेकिन फिर भी सीटें आरक्षित है । दरअसल हमारे देश की

यही विडंबना है की जिसे आरक्षण की जरूरत होती है उसे

उसका लाभ नही मिलता और असली मलाई कोई और चाट जाता है.

Thursday, March 18, 2010

ख़ुशी में दोहरा इजाफा हुआ


जहाँ एक तरफ महिला आरक्षण बिल के राज्य सभा में इसके पास होने की ख़ुशी है वही सायना नेहवाल के दुनिया के ५ शीर्ष खिलाडियों में शामिल होने से इस ख़ुशी में दोहरा इजाफा हुआ है। ख़ुशी यह नही की सायना ने एसा किया है । ख़ुशी इस बात की है २० साल से कम उम्र की यह लड़की उस वक़्त सुर्ख़ियों में आई है जब भारत में सिर्फ क्रिकेट की ही धूम है और खेलों में जाने के लिए लड़कियों न केवल समाज बल्कि माता पिता तक का भी प्रोत्साहन नही मिल पा रहा है सायना की इस उड़ान से ये उमीद तो जगी है की शायद अब समाज का रव्वैया बदले।

महंगाई बढ रही है


लगातार महंगाई बढ रही है आज ही पेपर में दूध के दाम बढने की खबर पड़ी सरकार लाचार दिख रही है और हर कोई किसी न किसी पर आरोप मढने में लगा हुआ है पर पक्ष हो या विपक्ष किसी का भी ध्यान आम इन्सान पर क्यूँ नही क्या आप सत्ता में सिर्फ अपनी कुर्सी चमकाने या किसी सी डी प्रकरण में फसने, करोड़ों की माला पहनने या ट्वीटर पर सिर्फ टिपण्णी करने के लिए आते है।

इस दुनिया मै सब से मुश्किल क्या है


ये सवाल उन सब से है जो भी इसे पड़े।

अपने जरुर सोचा होगा की मेने ये सवाल

क्यूँ किया क्यूंकि किसी की आँखों में आंसू

देख पाना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। मुझ

में वो ताकत नही की में किसी को रोता देख सकूँ।

भारत में दुनिया के एक तिहाई भूखे रहते है



ग्लोबल हंगेर इंडेक्स के अनुसार
भारत में दुनिया के एक तिहाई

भूखे रहते है जिनकी संख्या ३२

करोड़ से अधिक है।एसे में सरकार
गेंहू का निर्यात करने के बारे में सोच
रही है। यह सरासर बेवकूफी नही है
तो और क्या है। साफ है इस तरह
के निर्यात का फायदा केवल बिचोलियों को
होगा और किसी को नही । बिचोलिये
निर्यात के नाम पर धड़ल्ले से स्टोक
करेंगे और एक बार फिर खाद्य पदार्थों के
दाम बढेंगे.

Wednesday, March 17, 2010

खुद पर से ही विश्वास क्यूँ उठने लगता है।

नर हो न निराश करो मन को
आज कल ये जुमला हमारी क्लास मै बड़ा
छाया हुआ है मगर फिर भी मै इसे क्यूँ लिख रही हूँ
इसके पीछे भी एक बात है मेरे ठीक साथ वाली कुर्सी पर मेरा एक दोस्त बेहद हताश है
और उस से भी बढ कर वो खुद एक लेख में ये लिख रहा है की उसे अब अपनी काबिलियत पर ही शक होने लगा है। आखिर खुद पर से ही विश्वास क्यूँ उठने लगता है।

नोबेल पुरूस्कार


हाल ही में शांति के नोबेल पुरूस्कार के लिए २३७ व्यक्तियों और संस्थाओं
ने आवेदन किया। बड़ा सवाल ये है की अगर इतनी बड़ी तादाद में लोग
विश्व में शांति कायम करने में लगे हें है तो फिर शांति कायम होती
क्यूँ नही.

ये दिल्ली है मेरी है जान




दिल्ली के लिए मुन्नवर राणा का एक शेर



"बड़ा गहरा ताल्लुक है सियासत से तबाही का



कोई भी शहर जलता है तो दिल्ली मुस्कुराती है "

Friday, March 5, 2010

एक स्कूल का शर्मनाक रवैया


कश्मीर में आतंकवादियों का बहादुरी से मुकाबला कर चर्चा में रही रुखसाना एक बार फिर चर्चा में है लेकिन इस बार चर्चा में वह इसलिए है क्यूंकि उसको और उसके भाई को हाल ही में स्कूल ने निकाल दिया। इसके पीछे स्कूल ने तर्क दिया है की उसके और उसके भाई के पढने से स्कूल पर आतंकी हमला होने के आसार है हम सभी जानते है की आतंकवाद का सामना व्यक्तिगत रूप से एक जुट होकर ही किया जा सकता है ऐसे में स्कूल का यह निर्णय बेहद शर्मनाक है ।