Tuesday, April 6, 2010

आज मैं भूखी हूँ


मुझे करीब से जानने वाले लोग जानते है

कि मैं खाने की बहुत बड़ी शोकिन हूँ

मेरा मानना है कि इस दुनिया में do तरह के लोग रहते है

एक वो जो जीने के लिए खाते है

और एक वो जो खाने के लिए jite है

बेहरहाल अपनी गिनती दूसरे तरह के लोगों में होती है

मगर आज का दिन मुझे जीवन भर याद रहेगा

शाम के ६ बजने को आयें है आज मैं भूखी हूँ

ऐसा नही है कि मेरे पास पइसे नही मगर

ऑफिस से लेकर दूर दूर तक khin कैंटीन नहीं

लेकिन दिल्ली से अच्हा जलजीरा यहाँ जरुर मिलता है

आस है कि अच्हा खाना मिल जाये वर्ना bhagwaan जाने मेरा क्या होगा

अंत में तो यही सोच कर संतोष कर लूँ हारे को हरी नाम .

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