
जहाँ एक तरफ महिला आरक्षण बिल के राज्य सभा में इसके पास होने की ख़ुशी है वही सायना नेहवाल के दुनिया के ५ शीर्ष खिलाडियों में शामिल होने से इस ख़ुशी में दोहरा इजाफा हुआ है। ख़ुशी यह नही की सायना ने एसा किया है । ख़ुशी इस बात की है २० साल से कम उम्र की यह लड़की उस वक़्त सुर्ख़ियों में आई है जब भारत में सिर्फ क्रिकेट की ही धूम है और खेलों में जाने के लिए लड़कियों न केवल समाज बल्कि माता पिता तक का भी प्रोत्साहन नही मिल पा रहा है सायना की इस उड़ान से ये उमीद तो जगी है की शायद अब समाज का रव्वैया बदले।
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