Tuesday, April 6, 2010

तहजीब के इस शहर से तहजीब ही गायब है


कहते है नवाबों के शहर लखनऊ

में एक चीज जो खास है वो है यहाँ कि तहजीब

जिसके लिए इसे देश और दुनिया में जाना जाता है

इस शहर में आये मुझे ४ दिन हो गए और इन 4 दिनों का मेरा

अनुभव मुझे यह कहने पर मजबूर करता है कि

तहजीब के इस शहर से तहजीब ही गायब है

औरत के लिए इस शहर में कोई सम्मान नहीं

बस है तो सिर्फ गन्दी घूरती निगाह्यें
बस चले तो यह औरत को नोच खाएं

ऐसा नही कि यह सब दिल्ली जेसे बड़े शहरो में नही होता

मगर वहां कुछ खास लोग है जो ऐसी सोच के है

वर्ना वहां औरत के ब्रेन विद ब्यूटी को सम्मान है

लेकिन यहाँ सड़क चाप लोगों से लेकर बड़े बड़े दफ्तरों तक बस यही हाल है

सर से लेकर पांव तक घूरती nighayein या फिर सड़क चाप फब्तियां

aurat के सम्मान के लिहाज से गतिया शहर है लखनऊ

2 comments:

  1. Waise mai lucknow ka nahi hoon par jaisa aapne jikra kiya hai wo padh kar dukh hua. U.P & Bihar key log jitne helping hotey hain saayad hi kahin aur key hotey honge. Ye baat aur hai ki berojgari ki samsya key kaaran galat rastey par chalney ko majboor ho jaatey hain, lekin uskey wawjood bhi mahilaon key liye waisi nigah nahi rakhtey jaisa aapne likha hai (manishshris@gmail.com)

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